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January 4, 2024
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हर राशि का होता है अपना खास स्वभाव:

ज्योतिष शास्त्र और वैदिक ज्योतिष के मुताबिक प्रत्येक राशि के व्यक्ति का स्वभाव अलग होता है, क्योंकि हर राशि का किसी न किसी ग्रह से संबंध होता है और इन्हीं ग्रहों का प्रभाव उसके व्यक्तित्व पर पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक बारह नक्षत्रों से मिलकर और बारह खंडों मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन में विभाजित होकर 12 राशियां बनती हैं। हर राशि का अपना प्रतीक चिन्ह, खूबी, कमजोरियां, विशिष्ट लक्षण और दृष्टिकोण आदि होता है। वैदिक ज्योतिष और हिंदू मान्यताओं के मुताबिक प्रत्येक व्यक्ति के जीवन और उसके व्यक्तित्व पर उसकी राशि का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव है। वहीं प्रत्येक राशि में एक विशेष तत्व की प्रधानता पाई जाती है जिसके आधार पर राशियों को चार वर्गों में बांटा गया है। इनमें जल, अग्नि, पृथ्वी और वायु तत्व प्रधान चिह्न शामिल हैं। कर्क, वृश्चिक और मीन, जैसा कि इनके नाम से पता चलता है, इन राशियों को जल तत्व प्रधान माना जाता है। मेष, सिंह और धनु को अग्नि तत्व माना जाता है, मिथुन, तुला और कुंभ राशि को वायु प्रधान माना जाता है, जबकि वृषभ, कन्या और मकर राशि को पृथ्वी तत्व प्रधान माना जाता है। राशियों को भी लिंग के आधार पर विभाजित किया जाता है। मेष, मिथुन, सिंह, तुला, धनु, कुंभ राशि को पुरुष राशियां माना जाता है, जबकि वृष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, मकर और मीन को स्त्री माना जाता है।

Zodiac Sign Personality (राशि व्यक्तित्व)

  1. मेष
    मेष राशि के लोग आम तौर पर बहुत चतुर स्वभाव के होते हैं। इनकी खासियत यह है कि ये बहुत जोशीले और जिद्दी स्वभाव वाले तथा अपमान बर्दाश्त नहीं करने वाले होते हैं। किसी बात को तब तक नहीं स्वीकार करते हैं, जब तक इनका खुद का नुकसान नहीं हो रहा हो। अक्सर अपने गुप्त भेदों के खुल जाने से भयभीत रहते हैं। इनकी एक खास बात यह है कि इस राशि के लोग एक बार किसी के हो जाते हैं, तो उसे अपना सब कुछ दे बैठते हैं। अपने इस व्यवहार के कारण उन्हें अक्सर नुकसान भी उठाना पड़ता है।
  2. वृषभ
    वृष राशि के व्यक्ति स्वभाव से शांति पसंद होते हैं। ये अपने काम में काफी लगन वाले होते हैं। किसी काम में जुट जाते हैं तो उसे तब तक नहीं छोड़ते हैं, जब तक उसका समाधान नहीं मिल जाता है। वृष राशि के जातकों को ज्योतिष शास्त्र से जुड़ी पुस्तकें पढ़ना, खेल-कूद, नृत्य, गायन, सत्संगति, अच्छी चीजों को संगृहीत करना, कथा-कीर्तन आदि जैसी चीज़ों में से किसी एक बात में काफी दिलचस्पी रहती है। इस राशि के लोग संगीत के गुणों से संपन्न होते हैं। अपनी वाणी से एक समय पर सैकड़ों लोगों को प्रभावित और आकर्षित कर लेने की क्षमता रखते हैं। इस राशि के पुरुषों को खेल और महिलाओं को वस्त्रों से काफी लगाव होता है।
  3. मिथुन
    मिथुन राशि के लोग अस्थिर स्वभाव के लेकिन आकर्षक व्यक्तित्व एवं चरित्र के होते हैं। उन्हें हर दिन नए परिवर्तन, भ्रमण और विविधता प्रिय होती है। ये बेहद हाजिर जवाब और फ़ुर्तीले होते हैं। इन लोगों की जिज्ञासु प्रवृत्ति और चतुराई इनको सामाजिक समारोहों और किसी भी पार्टी में आकर्षण का केन्द्र बना देती हैं। ये लोग न केवल अच्छे वक्ता होते हैं बल्कि अच्छे श्रोता भी होते हैं। मिथुन राशि वालों को घूमना-फिरना, गायन, सिलाई करना, सिनेमा देखना, किताबें पढ़ना आदि जैसी कलात्मक चीज़ों का शौक रहता है। ये एक समय में बहुत कुछ जानने की इच्छा रखते हैं। इस राशि के जातक लोगों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करना चाहते हैं, लेकिन वैसा होते ही इनकी रुचि उस व्यक्ति या वस्तु से समाप्त हो जाती है।
  4. कर्क
    कर्क राशि के लोग बहुत भावुक होते हैं और दूसरों के जीवन से बहुत मतलब रखते हैं। इस राशि के लोगों को अपने जन्म स्थान से काफी लगाव होता है। चंद्रमा की वजह से इन्हें स्थान परिवर्तन करते रहना पड़ता है। स्वभाव में दृढ़ता होती है, साथ में दुर्बलता भी रहती है। इनकी मनःस्थिति परिवर्तनशील होती है। कर्क राशि वाले जातक अपनी शर्तों पर चलते हुए सज्जनता और विनम्रता का प्रदर्शन करते हैं। कर्क राशि वाले व्यक्ति अपने अनुसार निर्माण कराने के लिए पुराने विचारों और मान्यताओं का त्याग कर सकते हैं। इनके स्वभाव में विरोधाभास दिखता है। यदि इनका कोई साथी या फिर मित्र इनके अनुसार नहीं चलता तो ये उसकी उपेक्षा भी कर सकते हैं। इस राशि के जातकों को मान-सम्मान और आदर की चाह रहती है। कर्क राशि के लोगों को मूर्ख बनाना आसान नहीं होता है। ये लोग व्यक्ति, वस्तु और परिस्थितियों से बंध जाया करते हैं।
  5. सिंह
    इस राशि के लोगों का व्यक्तित्व बहुत ही आकर्षक होता है और ये खुद भी अपने व्यक्तित्व को अधिक आकर्षक बनाना चाहते हैं। सिंह राशि के लोगों को जीवन से प्रेम होता है। इनकी आवश्यकताएं सामान्य से कहीं अधिक होती है, साथ ही ये लोग अधिक खर्चीले भी होते हैं। इनके हाथों में पैसा बिलकुल नहीं टिकता है। हालांकि ये पैसे के लिए लगातार संघर्ष करते रहते हैं और पैसे पा भी जाते हैं, लेकिन अपने खर्चीले स्वभाव के चलते उसे बचा नहीं पाते हैं। यह इनके स्वभाव का बड़ा अवगुण है। कई बार इनका पैसों के लेनदेन को लेकर मित्रों और सगे-संबंधियों से विवाद भी हो जाता है। इनका स्वभाव महत्वाकांक्षी वाला होता है। हालांकि ये बड़े साफ दिल और लगनशील व्यक्तित्व वाले होते हैं। साथ ही ये अपने जीवन को पूरी शान के साथ जीने में विश्वास रखते हैं। लक्ष्य-प्राप्ति के लिए आत्म बलिदान, स्वतंत्रता और मौलिकता रखने की इच्छा इस राशि का प्रमुख गुण है।
  6. कन्या
    कन्या राशि वाले जातकों का स्वभाव कुछ-कुछ सरल और कुछ-कुछ कठोर होता है। ऐसे जातकों को प्रकृति से लगाव होता है, इसीलिए इन्हें बागवानी करना और खूबसूरत पौधों की देखभाल करना बेहद पसंद होता है। ये लोग अपने उतावलेपन और जल्दबाज़ी के कारण अकसर मुसीबत में फंस जाते हैं। इनके स्वभाव की सबसे बड़ी कमी यह होती है कि ये बेहद स्वार्थी होते हैं और दूसरों की सलाह को महत्व नहीं देते जिसकी वजह से इन्हें संकट का सामना करना पड़ता है। अक्सर ये दूसरों का मजाक उड़ाने में आनंद लेते हैं, जिसकी वजह से आए दिन इनके संबंध खराब हो जाते हैं। यदि इस राशि का जातक व्यवसाय करना चाहता है तो उसे दूसरों के साथ सहभागी होकर ही व्यवसाय की शुरुआत करनी चाहिए।

उपरोक्त राशियों से अलग अगर आपकी राशि है और आके मन में कोई प्रश्न है तो या तो 7042717217 पर कॉल करें अन्यथा फॉर्म भरकर हमें भेजें। हमारे सहयोगी आपको कॉल करेंगे। धन्यवाद


January 3, 2024
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Vastu Tips for Money and Luck: वास्तु शास्त्र जीवन की सभी महत्वपूर्ण चीजें में अभिन्न भूमिका निभाता है और पंच तत्व – जल, अग्नि, आकाश, वायु और पृथ्वी के बीच तालमेल बनाता है। आर्थिक उन्नति और धन लाभ के लिए वास्तु के उपाय आपकी मदद कर सकते हैं। आप अपने घर में धन आकर्षित और भाग्य वृद्धि के लिए कुछ वास्तु टिप्स का पालन कर सकते हैं। आइए जानते वास्तु के इन उपायों के बारे में…

कई बार कड़ी मेहनत करने के बाद मेहनत का फल नहीं मिलता है और आज के दौर में आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया हो गया है। इसकी वजह से खर्च निकलना मुश्किल होता जा रहा है। इसमें आपकी मेहनत नहीं बल्कि घर का वास्तु दोष भी जिम्मेदार हो सकता है। खराब वास्तु दोष से घर में नकारात्मक ऊर्जा, कार्यों में बाधा, पारिवारिक सदस्यों में मतभेद और बीमारियां, धन संबंधित आदि समस्याएं बनी रहती हैं। साथ ही कई तरह की रुकावटों का भी सामना करना पड़ता है। इस तरह की समस्याओं से मुक्ति के लिए वास्तु शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं। इन उपायों को करने से धन लाभ और जीवन में तरक्की, सुख समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं वास्तु के इन आसान उपायों के बारे में…

  1. इस दिशा में रखें धन से संबंधित चीजें

आर्थिक समृद्धि और स्थिरता के लिए अपने धन को हमेशा दक्षिण-पश्चिम कोने में रखना चाहिए। इस दिशा में आप तिजोरी, अलमारी, सोना-चांदी, आभूषण, वित्तीय दस्तावेज आदि चीजें दक्षिण-पश्चिम में रखें। यह दिशा पृथ्वी तत्व को दर्शाता है, जो स्थिरता सुनिश्चित करता है। इस दिशा में रखी गई चीजें कई गुणा बढ़ जाती हैं। कभी धन रखने वाली चीजों को पश्चिम या दक्षिण दिशा की तरफ नहीं रखना चाहिए, इसको नजरअंदाज करने से धन की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है।

  1. इस दिशा में रखें एक्वेरियम

घर के ईशान कोण में एक्वेरियम या एक छोटा सा फव्वारा रखना बहुत शुभ माना जाता है। ईशान कोण में ही देवी देवताओं का वास होता है और घर में यह दिशा बहुत अहमियत रखती है। इस दिशा में गंदगी या भारी सामान नहीं रखना चाहिए। इस दिशा में जल से संबंधित चीजें रखने से भाग्य का द्वार खुलता है और धन की आमद भी बढ़ती है। लेकिन ध्यान रहे कि इस जगह पानी का ठहराव और गंदा पानी न हो। साथ ही घर के सभी नल सही हों, टपकने वाले ना हों।

  1. इस दिशा को रखें स्वच्छ और खाली

घर के मध्य भाग को ब्रह्म स्थान कहा जाता है। इस जगह को ईशान कोण दिशा की तरह ही साफ सुथरा और खाली होना चाहिए। जानकारी के अभाव में ज्यादातर घरों में इस स्थान पर सोफा, मेज आदि भारी सामान रख देते हैं, जो सही नहीं है। इस स्थान को स्वच्छ और खाली रखने से घर में धन समृद्धि की वृद्धि होती है और पारिवारिक सदस्यों में आपसी प्रेम बना रहता है। साथ ही आरोग्य की भी प्राप्ति होती है।

  1. इस दिशा में रखें किचन

घर में अग्नि, आकाश, वायु, पृथ्वी और जल तत्वों के बीच संतुलन होना चाहिए। इसलिए अग्नि से संबंधित चीजें जैसे किचन को हमेशा दक्षिण पूर्व दिशा के मध्य स्थान यानी आग्नेय कोण में होना चाहिए। साथ ही खाना बनाते समय मुख पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। इस जगह के लिए नारंगी, लाल, गुलाबी रंगों का प्रयोग करना चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि यह स्थान पूरी तरह व्यवस्थित हो। ऐसा करने से धन धान्य में वृद्धि होती है और कष्टों से भी मुक्ति मिलती है।

  1. इस दिशा में लगाएं पेंटिंग

पेंटिंग से घर में नए रंग और सकारात्मक ऊर्जा आती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, सही दिशा में लगाई गई पेंटिंग धन और प्रसिद्धि को आकर्षित करती हैं। इसके लिए सात घोड़ों के दौड़ते हुए की पेंटिंग अपने लिविंग रूम के पूर्व दिशा की दीवार की तरफ लगाएं। इसके अलावा आप हरियाली से जुड़ी पेंटिंग बेडरूम और लिविंग रूम में लगा सकते हैं। इस तरह की पेंटिंग समृद्धि और नए अवसरों को आकर्षित करने में मदद करती हैं।

  1. इस दिशा में रखें बाथरूम

घर में बाथरूम हमेशा उत्तर-पूर्व या उत्तर-पश्चिम दिशा में होना चाहिए। साथ ही ध्यान रखना चाहिए कि बाथरूम या शौचालय का दरवाजा लकड़ी का होना चाहिए। आप चाहें तो उस पर एल्युमिनियम शीट लगवा सकते हैं लेकिन मेटल का प्रयोग दरवाजे में ना करें। बाथरूम के दरवाजे पर कोई भी शोपीस या फिर धार्मिक चीजें ना लगाएं। वहीं बाथरूम में पानी का बहाव उत्तर, पूर्व या फिर उत्तर-पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। यह भी ध्यान रखना चाहिए बाथरूम या शौचालय को कभी भी गीला ना छोड़ें और ब्राउन, क्रीम, सफेद या फिर लाइट ग्रीन रंगों का प्रयोग करें।

अगर आपके भी कोई प्रश्न हैं या किसी भी किस्म की कोई समस्या या परेशानी है तो आप हमें 7042717217 पर कॉल कर सकते हैं या फिर अपना नाम, कांटेक्ट नंबर consult@sumitsharma.org पर भेजें। हमारे सहयोगी आपको कॉल करेंगे और आपकी समस्या का निवारण करेंगे। धन्यवाद


January 2, 2024
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अंक ज्योतिष (numerology) ज्योतिष विज्ञान की एक महत्वपूर्ण शाखा है. जिस प्रकार कुंडली में ग्रहों का प्रभाव व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है, उसी तरह अंक ज्योतिष में भी प्रत्येक अंक किसी न किसी ग्रह से जुड़ा है, जिसके आधार पर व्यक्ति के जीवन की तमाम स्थितियों का पता चलता है. अंक ज्योतिष में कुल नौ अंक माने गए हैं, सभी का जीवन इन्हीं नौ अंको से जुड़ा है.

अंक ज्योतिष तीन तरह से व्यक्ति के जीवन को प्रभावित करता है, मूलांक, भाग्यांक और नामांक. 
यहां जानिए आपके बारे में क्या कहता है आपका मूलांक-

1 मूलांक
1, 10, 19 और 28 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक एक होता है. एक मूलांक का स्वामी सूर्य ग्रह होता है. एक मूलांक वाले लोग काफभ् महत्वाकांक्षी होते हैं और ये आसानी से हार नहीं मानते. इनकी भाषा पर अच्छी पकड़ होती है और नेतृत्व क्षमता भी जबरदस्त होती है. ये लोग किसी भी चुनौती का डटकर सामना करते हैं.

2 मूलांक
2, 11, 20 और 29 तारीख वालों का मूलांक दो होता है. इसका स्वामी चंद्रमा होता है. इस मूलांक वाले लोग रचनात्मक होते हैं. ऐसे लोग किसी भी काम को पूरी तरह से व्यवस्थित रूप से करते हैं. ये काफी भावुक भी होते हैं. कई बार भावुकता में गलत फैसले ले जाते हैं क्योंकि ये उस समय किसी समस्या के अन्य पहलुओं को नहीं देख पाते.

3 मूलांक
3, 12, 21 और 30 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक तीन है. इस अंक के स्वामी गुरु बृहस्पति हैं. इन लोगों में लीडरशिप क्वालिटी जबरदस्त होती है, इसलिए ये ज्यादा दिनों तक किसी के अधीन काम नहीं कर पाते. ये लोग रचनात्मक और कलात्मक होते हैं. दूसरों की मदद करना इनका स्वभाव होता है. तीन अंक वाले ज्यादातर किसी बड़े संस्थान में उच्च पदों पर आसीन होते हैं.

4 मूलांक
4, 13, 22 और 31 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक चार है. चार अंक का स्वामी राहु है. राहु भ्रमित करने वाला ग्रह है और हमेशा उतार-चढ़ाव की स्थिति में रहता है. यही वजह है कि इस अंक के लोग किसी बात का निर्णय लेने से पहले काफी कन्फ्यूज रहते हैं. ये अचानक ही सफल होते हैं और अचानक ही असफल भी होते हैं. ये स्वतंत्र स्वभाव वाले होते हैं और इनका नजरिया सामाजिक सोच से अलग होता है.

5 मूलांक
5, 14 और 23 तारीख वाले लोग पांच अंक के होते हैं. इनके अंक का स्वामी बुध है. ऐसे लोग बुद्धिमान होते हैं और इनका कम्यूनिकेशन स्किल काफी अच्छा होता है. लोगों से मेलजोल बढ़ाना और मित्रता करना इन्हें काफी पसंद होता है. ये लोग रिस्क लेने से बचते हैं, लेकिन बगैर रिस्क लिए इनको उन्नति नहीं मिल पाती. एक जगह ठहरना इनकी सफलता पर ब्रेक लगा देता है.

6 मूलांक
6, 15 और 24 तारीख वाले लोगों का मूलांक छह है. इनके अंक का स्वामी शुक्र है. ऐसे लोग सौंदर्य, सृजन, साहस और विलासिता की ओर आकर्षित होते हैं. इनका व्यक्तित्व काफी प्रभावी होता है, यही वजह है कि ये किसी को भी बड़ी आसानी से इंप्रेस कर लेते हैं. लेकिन इनका आलस कभी-कभी इनकी सफलता के बीच आ जाता है. इसलिए कोशिश करें कि इस आदत को जल्द से जल्द छोड़ दें.

7 मूलांक
7, 16 और 25 तारीख को जन्मे लोग सात मूलांक वाले कहलाते हैं. इनका स्वामी केतु है. ये लोग काफी विद्वान होते हैं और आध्यात्म की ओर इनकी खासी रुचि होती है. ये लोग बहुत अच्छे शोधकर्ता, सलाहकार, कलाकार बन सकते हैं. अच्छे स्वभाव की वजह से लोग इन्हें पसंद करते हैं.

8 मूलांक
8, 17 और 26 तारीख के लोगों का मूलांक आठ है. इस मूलांक का स्वामी शनि है. आठ अंक वालों की भगवान में बड़ी आस्था होती है. इनकी निर्णय क्षमता ज्यादा अच्छी नहीं होती, इस वजह से कई बार ये गलत फैसले भी ले लेते हैं. कई बार ये बहुत उच्च पदों पर पहुंच जाते हैं और कई बार इन्हें इनकी मेहनत का वो फल नहीं मिल पाता जिसके ये हकदार होते हैं. सफलता के लिए इन्हें किसी को अपना मेंटोर बनाना चाहिए और उसकी सलाह से ही कोई फैसला लेना चाहिए.

9 मूलांक
9, 18 और 27 तारीख वाले लोगों का मूलांक 9 होता है. इनका स्वामी मंगल ग्रह है. ये लोग स्वभाव से साहसी होते हैं और चुनौतियों का डटकर सामना करते हैं. इनका जीवन ज्यादातर संघर्षपूर्ण होता है. इन्हें कई बार मेहनत के मुताबिक फल नहीं मिल पाता, इस वजह से मन में असंतोष का भाव भी रहता है. जीवन को अनुशासित करके ये सफल हो सकते हैं. इन्हें रोजाना ध्यान जरूर करना चाहिए.

अगर आपके मूलांक, भाग्यांक अथवा नामांक को लेकर कोई प्रश्न हैं या किसी भी किस्म की कोई समस्या या परेशानी है तो आप हमें 7042717217 पर कॉल कर सकते हैं या फिर अपना नाम, डेट ऑफ़ बर्थ और प्लेस ऑफ़ बर्थ consult@sumitsharma.org पर भेजें। धन्यवाद


January 1, 2024
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ज्यादातर लोग अपने भविष्य के बारे में सोचते रहते हैं कि उनका आने वाला समय कैसा रहेगा अच्छा या बुरा। इसी बात को जानने के लिए काफी लोग ज्योतिषशास्त्र में रुचि और विश्वास करते हैं। ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों और नक्षत्रों की कंडीशन को देखकर भविष्य में होने वाले संभावनाओ और घटनाओं का संभावित गणना की जाती है। ज्यादातर ऐसे लोग जो ज्योतिष में गहरी आस्था रखते हैं अपने भविष्य को मालूम करने के लिए ज्योतिषाचार्यों के पास जाते हैं। ये ज्योतिषाचार्य उनकी कुंडली का अध्ययन करके उनके जीवन में होने वाले शुभ और अशुभ घटनाओं के बारे में बताते हैं। आम आदमी अपने जीवन के बारे में कुछ ऐसे सवाल पूछते हैं जिनका उत्तर ज्योतिष के जरिए दिया जाता है। लगभग हर व्यक्ति ज्योतिष से जुड़े कुछ सवाल ज्योतिषाचार्यों से पूछता है। आइए जानते हैं वो 10 सवाल जो मुझसे सबसे ज्यादा पूछते हैं लोग

पहला सवाल- करियर से संबंधित सबसे ज्यादा पूछे जाते हैं।
दूसरा सवाल- धनवान बनने का सपना कब पूरा होगा।
तीसरा सवाल- जमीन-जायदाद और ऐशो आराम से जुड़ा प्रश्न जैसे बड़ा घर, कार, संपत्ति आदि प्राप्त होगी या नहीं?
चौथा सवाल- जीवनसाथी कैसा मिलेगा। शादी का बंधन कितनी दूर तक चलेगा। विवाह में जीवनसाथी कैसा मिलेगा। प्रेमी संग विवाह होगा या नहीं?
पांचवा सवाल- सरकारी नौकरी या प्राइवेट नौकरी का योग
छठा सवाल- शादी किस उम्र में होगी और सुंदर जीवन साथी मिलेगा या नहीं।
सातवां सवाल- विदेश यात्रा का योग। विदेश में नौकरी, व्यापार और रहने का सुख मिलेगा या नहीं।
आठवां सवाल- संतान सुख, कुंडली में कितने बच्चों का योग और बच्चों का भविष्य।
नौवां सवाल- सेहत कैसी रहेगी और परिवार के सदस्यों के बीच तालमेल
दसवां सवाल- बिजनेस में बड़ा कारोबारी बनने का सपना

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December 31, 2023
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 1 से लेकर संख्या 9 तक मूलांक माने गए हैं। व्यक्ति की जन्म की तारीख के आधार पर उसका मूलांक तय किया जाता है। ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति के जन्म की तारीख के आधार पर उसके व्यवहार से लेकर उनके भविष्य के बारे में भी जाना जा सकता है। ऐसे में लिए जानते हैं कि वह कौन-सा मूलांक है जिसके जातक बुद्धिमान पाए जाते हैं।

अंक ज्योतिष जो ज्योतिष शास्त्र की ही एक शाखा है, को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। अंक ज्योतिष में जन्मतिथि के आधार पर भविष्यवाणी की जाती है। किसी व्यक्ति के मूलांक का निर्धारण ग्रह एवं नक्षत्रों की चाल और जातक की जन्म तिथि के आधार पर किया जाता है। किसी व्यक्ति की जन्म की तारीख उसके जीवन के बहुत-से राज खोलती है। आज हम आपको बताएंगे मूलांक 2 के जातकों के विषय में।

मूलांक 2 की खासियत
जिस व्यक्ति का जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ हो उनका मूलांक 2 होता है। अंक ज्योतिष शास्त्र में दो मूलांक के जातकों का स्वभाव बहुत ही अच्छा माना गया है। यह लोग सुंदर लोगों के प्रति जल्दी आकर्षित हो जाते हैं। साथ यह बहुत-ही बुद्धिमान भी माने जाते हैं। इस मूलांक के जातक विपरीत परिस्थितियों का भी डटकर सामना करते हैं।

इस क्षेत्र में होती है रुचि
मूलांक 2 के कार्यक्षेत्र की बात करें, तो यह जातक गायन, संगीत कला, लेखन आदि क्षेत्रों में रुचि रखते हैं और इनमें बहुत नाम कमाते हैं। उनकी वाणी बहुत ही मीठी होती है, जिस कारण इन लोगों में राजनेता बनने का भी गुण होता है।

मूलांक 2 की खासियत
जिस व्यक्ति का जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ हो उनका मूलांक 2 होता है। अंक ज्योतिष शास्त्र में दो मूलांक के जातकों का स्वभाव बहुत ही अच्छा माना गया है। यह लोग सुंदर लोगों के प्रति जल्दी आकर्षित हो जाते हैं। साथ यह बहुत-ही बुद्धिमान भी माने जाते हैं। इस मूलांक के जातक विपरीत परिस्थितियों का भी डटकर सामना करते हैं।

इस क्षेत्र में होती है रुचि
मूलांक 2 के कार्यक्षेत्र की बात करें, तो यह जातक गायन, संगीत कला, लेखन आदि क्षेत्रों में रुचि रखते हैं और इनमें बहुत नाम कमाते हैं। उनकी वाणी बहुत ही मीठी होती है, जिस कारण इन लोगों में राजनेता बनने का भी गुण होता है।

कैसा होता है आत्मविश्वास
मूलांक 2 के जातकों के आत्मविश्वास की बात करें तो इनमें आत्मविश्वास की कमी पाई जाती है, जिस कारण यह लोग तुरंत निर्णय लेने में हिचकिचाते हैं।

मूलांक दो के लिए शुभ चीजें
अंक शास्त्र के मुताबिक मूलांक 2 के लिए दो 11 20 और 29 तारीख को बहुत ही शुभ माना गया है। ऐसे मूलांक के लोगों के लिए क्रीम कलर, हल्का पीला और सफेद रंग लकी साबित होता है।


December 30, 2023
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घर चाहे नया बनाना हो या फिर पहले से बना हो, घरों में सकारात्मकता लाने के तमाम उपाय वास्तुशास्त्र में मौजूद हैं. दिल्ली NCR के प्रख्यात वास्तु एक्सपर्ट पं सुमित शर्मा बताते हैं कि तो असल में वास्तुशास्त्र में निहित वास्तु पुरुष भी एक परिकल्पना है. भारतीय वैदिक पद्वति में चाहे वो योग हो, आयुर्वेद हो, ज्योतिष हो या वास्तु, सभी में मानव शरीर को ही जोड़ा गया है. वास्तुशास्त्र खासकर पृथ्वी की एनर्जी पर आधारित है, इसलिए मकान बनाते समय लोगों को वास्तु का ध्यान रखना अनिवार्य होता है.

पं सुमित शर्मा बताते हैं कि घर बनाते समय हमें ये ख्याल रखना है कि परिकल्पित वास्तु पुरुष का सर हमेशा घर के उत्तर-पूर्व यानी नॉर्थ-ईस्ट में रहता है. इसलिए अगर उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा में हम घर का बाथरूम बना देते हैं तो इसके नकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं. वे बताते हैं कि टॉयलेट का काम ड्रेन आउट करना है. इस कारण अगर किसी घर में उत्तर-पूर्व दिशा में टॉयलेट है, तो उक्त घर के लोगों को सिर से संबंधित रोग परेशान कर सकते हैं. चिड़चिड़ापन, मानसिक घुटन, गुस्सा आना इत्यादि समस्याएं उत्तर पूर्व दिशा में टॉयलेट बनाने के दोष हैं. समाधान ना होने पर ये गंभीर बीमारियों में जैसे कि कैंसर में तब्दील हो सकते हैं. वहीं दक्षिण-पश्चिम (South-West) में टॉयलेट बने होने पर हार्ट की समस्या और वंश वृद्धि में दिक्कत देखने को मिलती है.